नवाचार, उद्यमिता और सतत विकास पर विशेषज्ञों ने किया मंथन
ग्रेटर नोएडा। नॉलेज पार्क-2 स्थित जीएनआईओटी एमबीए संस्थान में आईक्यूएसी के तत्वावधान में ‘आत्मनिर्भर भारत : नवाचार, उद्यमिता, स्थिरता और समावेशी विकास’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य युवाओं में नवाचार, उद्यमिता और शोध की भावना को बढ़ावा देना तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में उनकी भूमिका पर विचार-विमर्श करना रहा।
सम्मेलन का शुभारंभ शिक्षाविद एवं उद्योग विशेषज्ञ नताशा सिंह, बेनेट विश्वविद्यालय के डा. किशोर कुमार, एमिटी विश्वविद्यालय के डा. नितेन्द्र कुमार और संस्थान के निदेशक डा. अंशुल शर्मा ने दीप प्रज्वलन एवं राष्ट्रगान के साथ किया।

संस्थान के चेयरमैन डा. राजेश कुमार गुप्ता और वाइस चेयरमैन गौरव गुप्ता ने सम्मेलन की सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे आयोजनों से देशभर के विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं को एक मंच मिलता है, जिससे विद्यार्थियों में रोजगार के साथ रोजगार सृजन की सोच विकसित होती है।

निदेशक डा. अंशुल शर्मा ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी है कि विद्यार्थियों में शोध और उद्यमिता की सोच विकसित की जाए। सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से 50 से अधिक शोध पत्र प्राप्त हुए।

तकनीकी सत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आधुनिक तकनीक, स्टार्टअप, एमएसएमई, ग्रामीण एवं महिला उद्यमिता, नवीकरणीय ऊर्जा और सतत विकास जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने के लिए युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
समापन समारोह में उत्कृष्ट शोध पत्र प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। सम्मेलन के संयोजक डा. नक्षत्रेश कौशिक और डा. राजकुमार ने अतिथियों, शोधकर्ताओं, प्रतिभागियों और संकाय सदस्यों का आभार व्यक्त किया।








