नोएडा- नोएडा में प्राइवेट कर्मचारियों ने सैलरी बढ़ाने को लेकर मचाया भारी बवाल I

                                                                              मुजफ्फर अली
नेशन 18 न्यूज़ संवाददाता                                                                                                 नोएडा (गौतमबुद्ध नगर)।
नोएडा के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में निजी कंपनियों के हजारों कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि समेत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन शुरू में शांतिपूर्ण था, लेकिन मांगें पूरी न होने पर कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा और यह उग्र रूप ले लिया। जगह-जगह पत्थरबाजी, वाहनों में आगजनी और संपत्ति की तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं, जिससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।

प्रदर्शन मुख्य रूप से नोएडा के फेज-2, होजरी कॉम्प्लेक्स, सेक्टर 59, 60, 62, 63, 84 सहित कई औद्योगिक क्षेत्रों में देखा गया। बताया जा रहा है कि करीब 50 हजार श्रमिक सड़कों पर उतर आए थे। गुस्साए कर्मचारियों ने कई निजी वाहनों को आग के हवाले कर दिया। फेज-2 के होजरी कॉम्प्लेक्स क्षेत्र में तो स्थिति और बिगड़ी, जहां प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की एक जीप को पलटकर उसमें तोड़फोड़ की और फिर उसमें आग लगा दी। कुछ जगहों पर अन्य सरकारी और निजी वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया। पत्थरबाजी से कई वाहनों के शीशे टूट गए और कंपनियों की संपत्ति को भी भारी क्षति पहुंची।

इस हिंसक प्रदर्शन के चलते नोएडा के कई हिस्सों में यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सड़कों पर लंबे जाम लग गए, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम कर रखीं और नारेबाजी की। कुछ वीडियो में कर्मचारियों द्वारा कंपनियों के परिसर और मीडिया ऑफिसों पर भी हमले की तस्वीरें सामने आई हैं।

पुलिस-प्रशासन की प्रतिक्रिया
स्थिति बिगड़ती देख नोएडा पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। प्रभावित क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया। कुछ जगहों पर आंसू गैस का उपयोग भी किया गया ताकि भीड़ को तितर-बितर किया जा सके। फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास जारी हैं।

गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने आश्वासन दिया कि प्रशासन श्रमिकों के हितों की पूरी रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अपील की कि श्रमिक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखें और हिंसा से बचें।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन करने वाले कर्मचारी मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे थे:

– न्यूनतम वेतन की गारंटी और उचित वृद्धि (कई कर्मचारी 18 से 20 हजार रुपये मासिक वेतन की मांग कर रहे हैं)।
– समय पर पूरा वेतन भुगतान।
– समान कार्य के लिए समान वेतन।
– ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान।
– कार्य समय का उचित नियमन (12 घंटे की ड्यूटी पर रोक)।
– शोषण की रोकथाम और सुरक्षित कार्यस्थल।
– ईपीएफ, ईएसआई और ग्रेच्युटी जैसी सुविधाओं का लाभ।
– असंगठित और गिग वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा।
– छंटनी की स्थिति में विधिक मुआवजा, नोटिस वेतन और रोजगार सुरक्षा।
– साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था।
– महिला श्रमिकों के लिए विशेष प्रावधान और शिकायत निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था।

यह प्रदर्शन गुरुग्राम के मानेसर से शुरू हुए आंदोलन की चिंगारी के रूप में नोएडा तक फैला बताया जा रहा है। श्रमिकों का कहना है कि महंगाई बढ़ने के बावजूद उनका वेतन कई वर्षों से नहीं बढ़ा है और वे लंबे समय तक काम करने को मजबूर हैं।

प्रशासन ने सभी पक्षों से बातचीत शुरू कर दी है। उम्मीद है कि जल्द ही संवाद के जरिए इस विवाद का हल निकल आएगा और औद्योगिक क्षेत्र में शांति बहाल हो जाएगी। फिलहाल पुलिस ने पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और यातायात सलाह जारी की गई है कि लोग प्रभावित इलाकों से बचकर निकलें।

यह घटना नोएडा जैसे बड़े औद्योगिक केंद्र में श्रमिकों की समस्याओं और उनके असंतोष को उजागर करती है। प्रशासन को अब मजबूत कदम उठाकर न केवल हिंसा रोकनी होगी, बल्कि श्रमिकों की जायज मांगों पर भी गंभीरता से विचार करना होगा।

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