शासन ने जारी किया आदेश, ग्रेनो प्राधिकरण को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश; 700 से अधिक किसानों को मिलेगा लाभ
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में वर्ष 2002 से 2013 के बीच क्रय या अधिग्रहित की गई भूमि के किसानों को 64.70 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर मिलने का रास्ता साफ हो गया है। किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग पर उत्तर प्रदेश शासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को नियमानुसार कार्रवाई कर निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। शासन के इस फैसले से 700 से अधिक किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार की ओर से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) को पत्र भेजकर मामले में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। शासन के आदेश के बाद लंबे समय से अतिरिक्त प्रतिकर की मांग कर रहे किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
दरअसल, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने वर्ष 2002 से 2013 के बीच क्रय अथवा अधिग्रहित की गई भूमि के सापेक्ष 64.70 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर का लाभ नहीं पा सके किसानों को भी इसका लाभ देने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा था। प्राधिकरण ने उच्च न्यायालय में योजित गजराज व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य मामले में पारित आदेश का हवाला देते हुए शासन से ऐसे किसानों को भी अतिरिक्त प्रतिकर दिए जाने का अनुरोध किया था।
शासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि वर्ष 2002 से 2013 के मध्य भूमि क्रय अथवा अधिग्रहित किए जाने के बावजूद जिन किसानों को 64.70 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर का लाभ नहीं मिल पाया है, उन्हें मूल प्रतिकर की 64.70 प्रतिशत राशि अतिरिक्त प्रतिकर के रूप में दिए जाने के संबंध में प्राधिकरण नियमानुसार निर्णय ले सकता है।
जांच के बाद तय होगी पात्रता
शासनादेश मिलने के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण संबंधित किसानों के मामलों की जांच करेगा। भूमि अधिग्रहण अथवा क्रय से जुड़े दस्तावेजों, पूर्व में दिए गए प्रतिकर और अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर किसानों की पात्रता का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार अतिरिक्त प्रतिकर देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
लंबे इंतजार के बाद मिली उम्मीद
64.70 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर की मांग को लेकर किसान लंबे समय से प्राधिकरण और शासन के समक्ष अपनी मांग रखते आ रहे थे। शासन की ओर से प्राधिकरण को निर्णय लेने की अनुमति मिलने के बाद किसानों में खुशी का माहौल है। अब संबंधित किसानों को उम्मीद है कि जांच और औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें लंबे समय से लंबित अतिरिक्त प्रतिकर का भुगतान मिल सकेगा।







