यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के लिए देशव्यापी प्रचार अभियान का शुभारंभ

दिल्ली रोडशो से हुई शुरुआत, 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में होगा आयोजन

ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 के चौथे संस्करण के लिए देशव्यापी प्रचार अभियान का शुभारंभ शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित भव्य रोडशो के साथ किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार और इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट लिमिटेड द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस रोडशो का उद्देश्य देशभर के उद्योगपतियों, निर्यातकों, खरीदारों, निवेशकों और व्यापारिक संगठनों को इस महत्वपूर्ण आयोजन से जोड़ना है।

यूपीआईटीएस-2026 का आयोजन 25 से 29 सितंबर 2026 तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में किया जाएगा। पिछले तीन सफल संस्करणों के बाद यह आयोजन उत्तर प्रदेश सरकार के प्रमुख वार्षिक व्यापारिक आयोजनों में शामिल हो चुका है।

रोडशो में उत्तर प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री भूपेन्द्र चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव शशि भूषण लाल सुशील (आईएएस), विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव अजय कुमार, इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट लिमिटेड के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुदीप सरकार तथा फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन्स (एफआईईओ) के अतिरिक्त महानिदेशक सुविध शाह सहित अनेक गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।

 

इस अवसर पर भूपेन्द्र चौधरी ने कहा कि यूपीआईटीएस उत्तर प्रदेश की औद्योगिक शक्ति, उद्यमशीलता, निर्यात क्षमता और सांस्कृतिक समृद्धि को प्रदर्शित करने वाला एक प्रभावी मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने एमएसएमई क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने, एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) को बढ़ावा देने तथा नए व्यापारिक अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में यह आयोजन अहम योगदान देगा।

एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि भारत में व्यापार मेलों और बाजारों की समृद्ध परंपरा रही है, जिसने कारीगरों, शिल्पकारों और उद्यमियों को सदैव सशक्त बनाया है। यूपीआईटीएस इसी विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने का कार्य कर रहा है और उत्तर प्रदेश को दुनिया से जोड़ने वाला सशक्त सेतु बन चुका है।

प्रमुख सचिव शशि भूषण लाल सुशील ने कहा कि यूपीआईटीएस उत्तर प्रदेश सरकार के उस विजन को साकार कर रहा है जिसके तहत राज्य को व्यापार, विनिर्माण, निवेश और निर्यात का प्रमुख केंद्र बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रोडशो के माध्यम से देशभर के उद्योग जगत से जुड़ाव को और अधिक मजबूत किया जाएगा।

इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट लिमिटेड के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि पिछले तीन संस्करणों में मिली अभूतपूर्व सफलता इस आयोजन के प्रति उद्योग जगत के विश्वास को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि आगामी संस्करण सहभागिता, व्यापारिक अवसरों और अंतरराष्ट्रीय पहुंच के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।

एफआईईओ के अतिरिक्त महानिदेशक सुविध शाह ने कहा कि विदेशी खरीदारों की बढ़ती भागीदारी यह साबित करती है कि उत्तर प्रदेश के उत्पादों और व्यावसायिक अवसरों के प्रति वैश्विक रुचि लगातार बढ़ रही है। एफआईईओ गुणवत्तापूर्ण अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को जोड़ने और भारतीय निर्यातकों को नए बाजार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

गौरतलब है कि सितंबर 2025 में आयोजित यूपीआईटीएस के पिछले संस्करण का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया

उन्होंने अपने संबोधन में एमएसएमई, स्थानीय उद्यमों तथा ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ अभियान को मजबूती देने में इस आयोजन की भूमिका की सराहना की थी।

पिछले संस्करण की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें 5 लाख 7 हजार 99 से अधिक आगंतुकों ने भाग लिया था, जिनमें 1 लाख 40 हजार 735 बी-टू-बी विजिटर शामिल थे। वहीं 2 हजार 228 प्रदर्शकों ने 35 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में अपने उत्पादों और सेवाओं का प्रदर्शन किया था। आयोजन के दौरान हजारों व्यावसायिक बैठकें हुईं और प्रतिभागियों के लिए महत्वपूर्ण व्यापारिक अवसर सृजित हुए।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी यह आयोजन तेजी से पहचान बना रहा है। पिछले संस्करण में एफआईईओ के सहयोग से 85 देशों के 550 से अधिक विदेशी खरीदारों ने भाग लिया था, जिससे उत्तर प्रदेश की वैश्विक व्यापारिक उपस्थिति को मजबूती मिली।

आयोजकों के अनुसार, दिल्ली रोडशो आगामी महीनों में देश के विभिन्न राज्यों में आयोजित होने वाली प्रचार गतिविधियों की श्रृंखला का पहला चरण है। इन रोडशो का उद्देश्य घरेलू खरीदारों की भागीदारी बढ़ाना, अंतरराज्यीय व्यापार को प्रोत्साहित करना तथा आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाना है।

उत्तर प्रदेश की व्यापारिक परंपराओं और आर्थिक परिवर्तन का प्रतिनिधित्व करने वाला यूपीआईटीएस राज्य की विनिर्माण क्षमता, एमएसएमई सामर्थ्य, ओडीओपी उत्पादों, नवाचार, निर्यात, संस्कृति, पर्यटन, हस्तशिल्प और उभरते औद्योगिक क्षेत्रों को एक मंच पर प्रस्तुत करता है। आगामी संस्करण में एक जिला एक व्यंजन (ओडीओसी) जैसी पहलों को भी विशेष रूप से बढ़ावा दिए जाने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश के एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में यूपीआईटीएस-2026 को व्यापार, निवेश, निर्यात, नवाचार और वैश्विक साझेदारियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है।

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